अमरीका में पिछले कई दशकों की सबसे
भीषण ठंड पड़ रही है. उत्तरी ध्रुव की ओर से चल रहे बर्फ़ीले चक्रवात की
वजह से अमरीका के मध्य-पश्चिम राज्यों में बर्फ़ की चादर बिछ गई है. इसे
पोलर वोर्टेक्स कहा जा रहा है.
इसकी वजह से यहां के 9 करोड़ से अधिक लोग शून्य से -17 डिग्री तापमान में रहने को मजबूर हैं. स्कूल, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सरकारी दफ़्तर बंद हैं. समूचे मध्य-पूर्व राज्यों में सैकड़ों की संख्या में फ़्लाइट्स रद्द हो गई हैं.
शिकागो शहर में पारा शून्य से तीस डिग्री सेल्सियस नीचे हैं. शहर के मेयर ने लोगों से बाहर न निकलने की अपील की है. शिकागो नदी जम गई है.
मध्य-पश्चिम राज्यों विस्कॉन्सिन, मिशिगन और इलिनॉय के साथ ही आमतौर पर गर्म रहने वाले दक्षिणी राज्यों अलबामा और मिसीसिपी में आपातकाल घोषित कर दिया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक बर्फ़ गिरनी जारी रहेगी और कई इलाक़ों में 24 इंच तक बर्फ़ पड़ सकती है.
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वालों का अनुमान है कि देश के सबसे व्यस्त शहरों में से एक शिकागो में आने वाले दिनों में अंटार्कटिका से भी अधिक ठंड पड़ सकती है.
10 राज्यों इलिनॉय, आयोवा, मिनिसोटा, नॉर्थ डैकोटा, साउथ डैकोटा, विसकॉन्सिन, कैनसस, मिज़ौरी और मोंटाना में जमकर बर्फ़बारी हो रही है.
रियान कोकूरेक शिकागो में ही रहते हैं. यहां के हालात के बारे में बीबीसी को बताते हुए उन्होंने कहा, "ये अविश्वसनीय है. मैंने जैसे ही घर के बाहर क़दम रखा ठंडी हवा का ऐसा थपेड़ा पड़ा कि सांस लेना मुश्किल हो गया. ये ऐसा है जैसे हवा में ऑक्सीजन ही न रही हो, दम घुट रहा हो, और अगर आपकी नाक बह रही है तो ये और भी ख़तरनाक है क्योंकि अचानक ही आपकी नाक जम जाती है. ये मेरे जीवन का सबसे अजीब अनुभव है."
पोलर वोर्टेक्स कहे जाने वाले ध्रुवीय चक्रवात की वजह से अमरीका के कई हिस्सों में जानलेवा ठंड पड़ रही है.
पोलर वोर्टेक्स की वजह से मौसम विभाग ने तापमान के शून्य से -40 से -70 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाने की चेतावनी जारी की है.
दक्षिणी प्रांतों अलबामा और जॉर्जिया में भी बर्फ़बारी हो सकती है. ये ध्रुवीय चक्रवात उत्तरी ध्रुव से दक्षिण की ओर बढ़ रहा है.
पद-ओहदा, रुतबा-रुआब और धन सम्पति. सब
कुछ था उनके पास. उनकी हसरत थी संसद तक पहुंचने की. लेकिन उसके पहले ही
एंटी करप्शन ब्यूरो ने कोटा में नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर सहीराम
मीणा को गणतंत्र दिवस के दिन कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर
लिया.
मीणा ने सुबह झंडारोहण किया और सत्य निष्ठा पर तकरीर की. अब अधिकारी उनकी धन-सम्पति का हिसाब लगा रहे हैं.अधिकारियों की माने तो आंकड़ा दो सौ करोड़ से ऊपर तक पहुंच गया है. ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक अब तक की जाँच में मीणा के पास से ढाई करोड़ नकद, 106 प्लॉट, 25 दुकानें, पेट्रोल पंप, मैरेज होम, जेवरात और कृषि भूमि का रिकॉर्ड मिला है.
मीणा के पास मिली धन राशि गिनने के लिए मशीन की मदद लेनी पड़ी. जानकारी मिली है कि उन्होंने बिटकॉइन में भी निवेश किया है.
ब्यूरो के अधिकारी क्रिप्टोकरेंसी का पता लगाने के लिए उन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ढूंढ रहे हैं जिसे मीणा इस्तेमाल करते थे.
अधिकारियों के अनुसार पकड़े जाने के बाद न तो उनके चेहर पर कोई खौफ था न चेहरे पर कोई शिकन.
एंटी करप्शन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रशील ठाकुर ने बीबीसी को बताया कि अभी मीणा से पूछताछ की जा रही है.
मीणा के साथ दलाल कमलेश धाकड़ को भी गिरफ्तार किया गया है. धाकड़ को एक लाख रूपये की रिश्वत देते हुए गिरफ्तार किया गया है.
वह मीणा का दलाल भी हैं. उनके पिता अफीम की खेती करते हैं. जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मीणा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. पूछताछ में मीणा ने कहा कि उनके पास पुश्तैनी पैसा है.
ब्यूरो को कार्यवाही के दौरान ऐसे दस्तावेज़ मिले हैं, जिससे खुलासा हुआ कि मीणा लोक सभा का चुनाव लड़ना चाहते थे.
वो बीजेपी और कांग्रेस दोनों में से किसी भी पार्टी से चुनाव लड़ने को तैयार थे.
मीणा 1989 में सरकारी सेवा में आये और तरक्की की सीढिया चढ़ते हुए 1997 में भारतीय राजस्व सेवा के सदस्य बन गए.
उनकी सेवानिवृति में थोड़ा ही वक्त बचा था. अधिकारियों ने पूछताछ तेज़ की, तो उन्होंने तबियत नासाज़ होने की बात कही.
इसके बाद तुंरत हॉस्पिटल ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ घोषित कर दिया.
ब्यूरो के अधिकारी ठाकुर कहते हैं कि हम उनसे पूछताछ कर यह पता लगाना चाहते हैं कि रिश्वत के इस काम में कौन-कौन शामिल था और यह कितनी बड़ी शृंखला थी.
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